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कोलकाता निकाय चुनाव: BJP ने की केंद्रीय बल की तैनाती की मांग, सुप्रीम कोर्ट ने खारिज की याचिका

सुप्रीम कोर्ट ने बीजेपी उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें बीजेपी ने बंगाल के निकाय चुनाव केंद्रीय बलों की तैनाती की मांग की थी. शीर्ष कोर्ट ने इस मामले पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया. साथ ही कलकत्ता हाईकोर्ट में अर्जी दाखिल करने को कहा है. 19 दिसंबर में कोलकाता नगर निगम चुनाव की 144 सीटों पर चुनाव होने है. राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा तैयारियां अंतिम चरण में है. वहीं, बीजेपी ने निकाय चुनाव में राज्य पुलिस की जगह केंद्रीय पुलिस बल की मांग की है. बीजेपी नेताओं का कहना है कि स्थानीय पुलिस राज्य सरकार के अधीन होती है, लिहाजा चुनाव पारदर्शी नहीं होगा.

सुप्रीम कोर्ट ने इस मसले पर बीजेपी को कलकत्ता हाईकोर्ट जाने को कहा है. बीजेपी ने अपनी याचिका में कहा था कि विपक्षी बीजेपी सदस्यों के साथ हिंसा की जा रही है. बीजेपी सांसद और पश्चिम बंगाल बीजेपी अध्यक्ष डॉ सुकांत मजूमदार ने ये याचिका दाखिल की थी. याचिका दाखिल करते वक्त वकील मेनका गुरुस्वामी ने कहा था कि नगर निगम के चुनाव 19 दिसंबर से होने हैं. विपक्षी पार्टी के सदस्यों को पीटा जा रहा है और धमकाया जा रहा है. हम केंद्रीय बलों की तैनाती चाहते हैं

बीजेपी ने चुनाव में जताई है हिंसा की आशंका

दरअसल, बीजेपी शासित राज्य में राजनीतिक हिंसा के कारण नगरपालिका चुनावों के दौरान त्रिपुरा में अतिरिक्त सुरक्षा की मांग करते हुए टीएमसी द्वारा सुप्रीम कोर्ट में इसी तरह की याचिका दायर की गई. भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) ने भी सत्तारूढ़ बीजेपी द्वारा उनकी पार्टी के कार्यकर्ताओं पर हमले का आरोप लगाते हुए सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है. इस बारे में बीजेपी ने राज्यपाल जगदीप धनखड़ और राज्य चुनाव आयोग भी ज्ञापन दिया था. राज्यपाल जगदीप धनखड़ ने चुनाव के दौरान केंद्रीय सुरक्षा बल की तैनाती को लेकर राज्य चुनाव आयोग से सवाल पूछा था, लेकिन राज्य चुनाव आयोग ने साफ कर दिया है कि चुनाव के दौरान कोलकाता पुलिस के जवान ही तैनात किए जाएंगे. केंद्रीय बलों की तैनाती नहीं होगी.

सुप्रीम कोर्ट ने कलकत्ता हाईकोर्ट में अपील करने का दिया निर्देश

मामले में, जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस विक्रम नाथ की पीठ ने पिछले महीने केंद्रीय गृह मंत्रालय को केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (सीएपीएफ) की दो अतिरिक्त कंपनियां उपलब्ध कराने का निर्देश दिया था ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि त्रिपुरा में नगरपालिका चुनाव शांतिपूर्ण और निष्पक्ष हो सकें. लेकिन बीजेपी के त्रिपुरा के तर्क को ठुकराते हुए कोर्ट ने आज उसे कलकत्ता हाईकोर्ट में अपील करने को कह दिया.

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