ईंट-भट्ठे पर श्रमिकों के साथ बंधुआ मजदूरी व उत्पीड़न का मामला, पीड़ित ने पुलिस अधीक्षक, मुख्यमंत्री व उप श्रमायुक्त से लगाई गुहार

बलरामपुर। जनपद बलरामपुर के थाना कोतवाली देहात क्षेत्र अंतर्गत ग्राम हणपुरा स्थित एक ईंट-भट्ठे पर श्रमिकों को बंधक बनाकर अमानवीय उत्पीड़न और जबरन बंधुआ मजदूरी कराए जाने का गंभीर मामला सामने आया है। पीड़ित अमेरिका पुत्र अवध राम निवासी ग्राम भिउरा, पोस्ट गैंजहवा, जनपद बलरामपुर ने इस संबंध में पुलिस अधीक्षक बलरामपुर को शिकायती पत्र भेजते हुए एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई की मांग की है।
साथ ही मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश एवं उप श्रम आयुक्त देवीपाटन मंडल को भी शिकायत प्रेषित की गई है।पीड़ित द्वारा दिए गए प्रार्थना पत्र के अनुसार ग्राम हणपुरा, थाना कोतवाली देहात स्थित ईंट-भट्ठा (ईंट मार्का—K.K.) के संचालक कलीम खान पर आरोप है कि उन्होंने अमेरिका के दामाद रग्घु पुत्र मल्हू निवासी दुल्हापुर बल्लीपुर को भट्ठे के कार्यालय के बंद कमरे में अवैध रूप से बंधक बनाकर रखा। इस दौरान रग्घु के साथ पूरे दिन मारपीट, अभद्र गालियाँ और मानसिक प्रताड़ना की गई।
आरोप है कि मारपीट के बाद अमेरिका और उनके दामाद को डरा-धमकाकर सादे कागज पर जबरन अंगूठा लगवाया गया, जिससे भविष्य में उनके विरुद्ध फर्जी दस्तावेज तैयार किए जा सकें।शिकायत में यह भी कहा गया है कि भट्ठा संचालक द्वारा खर्चा-खुराकी देने से इनकार करते हुए जबरन कार्य कराने का दबाव बनाया गया। भट्ठे पर कार्यरत अन्य श्रमिकों एवं महिला श्रमिक धुपा पत्नी संचित चौहान के साथ भी आए दिन अमानवीय व्यवहार, गालियाँ और जबरन श्रम कराया जाता है। भट्ठे पर मूलभूत सुविधाओं का घोर अभाव बताया गया है।सबसे गंभीर आरोप यह है कि भट्ठे पर नाबालिग बच्चों से भी मजदूरी कराई जा रही है, जो बाल श्रम निषेध अधिनियम का खुला उल्लंघन है।
पीड़ित का कहना है कि जब श्रमिक अपने वैधानिक अधिकारों की मांग करते हैं तो उन्हें धमकाया जाता है और भट्ठा छोड़ने पर पांच-पांच लाख रुपये की अवैध वसूली व गंभीर मारपीट की धमकी दी जाती है।बंधुआ मजदूरी से पीड़ित श्रमिकों में नरेंद्र पुत्र प्रसादे, संचित पुत्र मालिक राम, मालिक राम पुत्र छेदी सहित कई अन्य श्रमिक शामिल बताए गए हैं। पीड़ित ने अपनी शिकायत में इसे बंधुआ मजदूरी उन्मूलन अधिनियम, बाल श्रम निषेध अधिनियम, भारतीय दंड संहिता तथा मानवाधिकारों का घोर उल्लंघन बताते हुए तत्काल कार्रवाई की मांग की है।
पीड़ित अमेरिका पुत्र अवध राम ने प्रशासन से भट्ठा संचालक व उसके सहयोगियों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कर सभी श्रमिकों व नाबालिग बच्चों को मुक्त कराने, पीड़ितों को सुरक्षा व चिकित्सकीय सहायता देने तथा दोषियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग की है। सवाल यह है कि प्रशासन इस गंभीर मामले में कितनी शीघ्रता से संज्ञान लेकर कार्रवाई करके श्रमिकों को बंधुआ मजदूरी से मुक्ति दिलाता है।



