
ब्यूरो
आजमगढ़। 50 करोड़ रुपये तक की स्कालरशिप का लाभ ले सकेंगे आजमगढ़ और यूपी के छात्र
एआई आधारित शिक्षा से बदलेगा उच्च शिक्षा का स्वरूप, उन्नाव कैंपस बना परिवर्तन का मॉडल प्रो डॉ थिपेंद्र पी सिंह, प्रो वाइस चांसलर, चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी, उत्तर प्रदेश चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी ने 23 ग्लोबल टॉप कंपनियों के साथ किया एमओयू, युवाओं को एआई शिक्षा ही नहीं ग्लोबल जॉब्स व स्टार्टअप्स में भी आगे बढऩे का मिलेगा अवसर – प्रोफेसर डॉ थिपेंद्र पी सिंह, प्रो वाइस चांसलर, चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी, उत्तर प्रदेश आजमगढ़, 13फरवरी।भारत आज न केवल दुनिया की तेजी से उभरती अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है, बल्कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में भी वैश्विक नेतृत्व की ओर अग्रसर है। इसी विजऩ को आगे बढ़ाते हुए उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में देश की पहली एआई सिटी विकसित करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। इस परिवर्तनकारी पहल का एक अहम उदाहरण उन्नाव में सामने आया है, जहांचंडीगढ़ यूनिवर्सिटीने लगभग 2500 करोड़ रुपयेकी लागत से एक अत्याधुनिकएआई-सपोर्टेड कैंपसस्थापित किया है। इसके साथ ही चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी एआई आधारित कैंपस स्थापित करने वालीभारत की पहली निजी यूनिवर्सिटीबन गई है।कानपुर-लखनऊ रोड पर उन्नाव के एससीआर क्षेत्र में स्थित यह कैंपस न केवल एआई-सपोर्टेड शिक्षा प्रदान कर रहा है, बल्कि छात्रों को इंडस्ट्री की जरूरतों के अनुरूपइंडस्ट्री-रेडी वर्कफोर्सके रूप में भी तैयार कर रहा है। यह जानकारी चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी उत्तर प्रदेश केप्रो वाइस चांसलर डॉ. थिपेंद्र पी. सिंहने आजमगढ़ में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान दी।
इस अवसर पर चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी उत्तर प्रदेश द्वारा अपने स्कॉलरशिप एवं एडमिशन पोर्टल ‘सीयूसीईटी 2026’ की आधिकारिक शुरुआत की गई। यूनिवर्सिटी ने इस पहल के तहत छात्र-छात्राओं को 50 करोड़ रुपये तक की स्कॉलरशिपप्रदान करने की घोषणा की, जिससे एआई, रिसर्च और इनोवेशन आधारित उच्च शिक्षा को अधिक व्यापक और सुलभ बनाया जा सके।
प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए डॉ. थिपेंद्र पी. सिंह ने बताया किसीयूसीईटी स्कॉलरशिप योजनाने अपने पहले ही शैक्षणिक सत्र में उल्लेखनीय प्रभाव दिखाया है। अब तक इस योजना के अंतर्गत 2,000 से अधिक विद्यार्थियोंको करोड़ों रुपये की स्कॉलरशिप दी जा चुकी है। इससे विभिन्न सामाजिक और शैक्षणिक पृष्ठभूमि से आने वाले मेधावी छात्रों को आगे बढऩे का अवसर और आत्मविश्वास मिला है। उन्होंने कहा कि चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी उत्तर प्रदेश का दीर्घकालिक लक्ष्य राज्य कोएआई आधारित शिक्षा, शोध और तकनीकी नवाचार का वैश्विक केंद्रके रूप में स्थापित करना है।
यूनिवर्सिटी के इनोवेशन और एंटरप्रेन्योरशिप फोकस को रेखांकित करते हुए डॉ थिपेंद्र पी सिंह, ने कहा कि ‘कैम्पस टैंक’ और ‘सीयू एआई स्पेस’ जैसी पहलें स्टार्टअप्स और युवा इनोवेटर्स को सीड फंडिंग, इनक्यूबेशन और पेटेंट फाइलिंग जैसी सुविधाएं उपलब्ध करा रही हैं। इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट मिनिस्टर नंद गोपाल गुप्ता ‘नंदी’ द्वारा लॉन्च किए गए कैम्पस टैंक के माध्यम से अब तक 1,000 से अधिक स्टार्टअप्स को 6 मिलियन अमेरिकी डॉलर की फंडिंग से जोड़ा जा चुका है। उन्होंने बताया कि गवर्नर आनंदीबेन पटेल द्वारा शुरू की गई नारी योजना टेक्नोलॉजी आधारित रिसर्च और इनोवेशन में महिलाओं के लिए नए अवसर सृजित कर रही है।
डॉ थिपेंद्र पी सिंहने बताया कि चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी उत्तर प्रदेश का एआई-एनहैंस्ड स्मार्ट कैंपस लगभग 2,500 करोड़ रुपये के निवेश से विकसित किया गया है, जो क्वालिटी एजुकेशन के साथ एडवांस्ड रिसर्च को भी मजबूती प्रदान कर रहा है। इस एकेडमिक इकोसिस्टम के तहत यूनिवर्सिटी ने 22 मल्टीडिसिप्लिनरी पीएचडी प्रोग्राम शुरू किए हैं, जो एग्रीकल्चर, डेटा एनालिटिक्स, क्वांटम रिसर्च और साइबर सिक्योरिटी जैसे इमर्जिंग क्षेत्रों में रिसर्च को नई गति देंगे।
उन्होंने कहा कि एक्सपीरिएंशल और इंडस्ट्री-बेस्ड एजुकेशन को बढ़ावा देने के लिए वल्र्ड-क्लास इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया गया है। एप्पल विजऩ प्रो लैब, एआई-एमएल रिसर्च सेंटर और माइक्रोसॉफ्ट सेंटर ऑफ एक्सीलेंस जैसी अत्याधुनिक सुविधाएं छात्रों और रिसर्च स्कॉलर्स को लेटेस्ट टेक्नोलॉजी के साथ प्रैक्टिकल एक्सपीरियंस प्रदान कर रही हैं। नेशनल एजुकेशन पॉलिसी के अनुरूप एडवांस्ड क्रेडिट सिस्टम और स्किल-बेस्ड प्रोग्राम भी लागू किए गए हैं, ताकि छात्र करियर की शुरुआत से ही ग्लोबल लेवल पर कॉम्पिटिटिव बन सकें।



