तमसा नदी के घाटों पर गंदगी का अंबार, जिम्मेदारों पर लापरवाही का आरोप
तमसा नदी का अस्तित्व और जलीय जीवों का जीवन भी खतरे में पड़ता दिखाई दे रहा है

सदभावना/संवाददाता।
निजामाबाद/आजमगढ़। नगर पंचायत के सतीघाट, कालीघाट, महादेव घाट और शिवाला घाट सहित तमसा नदी के तट पर स्थित धार्मिक स्थलों की स्थिति बेहद खराब बताई जा रही है। घाटों पर गंदगी का अंबार लगा हुआ है, जिससे न केवल श्रद्धालुओं को परेशानी हो रही है बल्कि तमसा नदी का अस्तित्व और जलीय जीवों का जीवन भी खतरे में पड़ता दिखाई दे रहा है। स्थानीय समाजसेवी अरुण कुमार और समाजसेविका कुलदीप कौर का आरोप है कि नगर पंचायत के सफाई कर्मचारी, अधिकारी और अध्यक्ष की लापरवाही के कारण यह स्थिति उत्पन्न हुई है। उनका कहना है कि कई बार लिखित प्रार्थना पत्र देने के बावजूद अब तक कोई प्रभावी जांच या कार्रवाई नहीं की गई। आरोप लगाया गया है कि जिला अधिकारी रविंद्र कुमार, एसडीएम निजामाबाद चंद्र प्रकाश, तथा नगर पंचायत निजामाबाद के अधिशासी अधिकारी विक्रम कुमार को कई बार शिकायत भेजी गई, लेकिन अब तक घाटों की सफाई को लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। समाजसेवियों का कहना है कि तमसा नदी की सफाई के नाम पर करोड़ों रुपये का बजट खर्च होने की बात कही जाती है, लेकिन जमीन पर स्थिति इसके विपरीत दिखाई देती है।सवाल उठता है कि सफाई के लिए जारी बजट आखिर कहां खर्च हुआ और इसके लिए जिम्मेदार कौन है। बताया गया कि भारत सरकार और उत्तर प्रदेश सरकार को भी कई बार लिखित शिकायत भेजी गई है। साथ ही प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को भी प्रार्थना पत्र भेजकर तमसा नदी और घाटों की सफाई की मांग की गई है। समाजसेवी अरुण कुमार और कुलदीप कौर ने सरकार से मांग की है कि तमसा नदी और घाटों की वास्तविक स्थिति की निष्पक्ष जांच कराई जाए तथा दोषी अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।



