श्रावस्ती के ग्राम बकवा में मनरेगा को लेकर ग्रामीणों का विरोध
मनरेगा कानून बचाने को लेकर ग्राम बकवा में ग्राम चौपाल
श्रावस्ती जनपद के विकासखंड क्षेत्र अंतर्गत ग्राम बकवा में मनरेगा कानून की सुरक्षा और उसके भविष्य को लेकर ग्राम चौपाल का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम राष्ट्रीय नेतृत्व के आह्वान पर “मनरेगा बचाओ संग्राम” अभियान के तहत संपन्न हुआ।

केंद्र सरकार पर मनरेगा कमजोर करने का आरोप
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला कोऑर्डिनेटर पं. अमन पाण्डेय एडवोकेट ने कहा कि मनरेगा गरीबों और मजदूरों का कानूनी अधिकार है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार नीतिगत बदलावों और नाम परिवर्तन के माध्यम से इस योजना को कमजोर करने की कोशिश कर रही है।
मजदूरी और रोजगार का मुद्दा
पं. पाण्डेय ने कहा कि मजदूरी दर बढ़ाने जैसे मूल सवालों पर सरकार उदासीन बनी हुई है। यदि मनरेगा को कमजोर किया गया तो गांवों से पलायन बढ़ेगा और ग्रामीण विकास की प्रक्रिया प्रभावित होगी।
ग्रामीण विकास की रीढ़ है मनरेगा
अल्पसंख्यक जिला अध्यक्ष इमरान मलिक ने कहा कि मनरेगा गांवों के विकास, रोजगार और सामाजिक सुरक्षा की रीढ़ है। इसे समाप्त करने का प्रयास ग्रामीण भारत के हित में नहीं है।
स्थानीय कार्यकर्ताओं की भागीदारी
ग्राम चौपाल में जैन खान, मंडल अध्यक्ष रविंद्र शुक्ला, बरसाती लाल यादव, रजनीश तिवारी, मुबारक खां सहित कई कार्यकर्ता और पदाधिकारी मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान मनरेगा को मजबूत बनाए रखने का संकल्प लिया गया।